गुरुवार, 28 अगस्त 2008

सब कुछ बहा गया


बिहार में बाढ़ ,मचा गई कहर
लाखो की जिन्दगी में बरपा गई कहर
गाँव के गाँव पानी में बहते चले गए
नाते रिश्ते सभी इस धार में बहते चले गए
क्या दोष था उनका जो पानी में बह गए
परिजनों के सारे अरमां आंसुओं में बह गए हैं
बरसों की मेहनत से की कुछ पूँजी जमा
खून पसीने से सींच बच्चों को किया बड़ा
प्रकृति के इस कहर में सब कुछ जहर बन गया
बरसों से बना सपनों का महल
बाढ़ के कहर में सब कुछ बह गया
फोटो साभार :- बीबीसी एवं गूगल

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